Srishti Khanda Extracted Page 240
Padma Purana Sanskrit Hindi Part 1 (Chaukhamba Surbharati; extracted partial page blocks) · part-1 · Verse page-240
Sanskrit Original
रमणा रामतीर्थे तु यमुनायां मृगावती । करवीरे महालक्ष्मी रुमादेवी विनायके॥१९८॥ अरोगा वैद्यनाथे तु महाकाले महेश्वरी। अभया पुष्पतीर्थे तु अमृता विंध्यकंदरे ॥१९९॥ मांडव्ये मांडवी देवी स्वाहामाहेश्वरे पुरे । वेगले तु प्रचंडाथ चंडिकाऽमरकंटके ॥२००॥ सोमेश्वरे वारारोहा प्रभासे पुष्करावती । देवमाता सरस्वत्यां पारापारे तटेस्थिता ॥२०९॥ महालये महापद्मा पयोष्ण्यां पिंगलेश्वरी। सिंहिका कृतशौचे तु कार्तिकेये तु शंकरी ॥२०२॥ उत्पलावर्तके लोला सुभद्रा सिंधुसंगमे । उमा सिद्धवने लक्ष्मीरनंगा भरताश्रमे ॥२०३॥ जालंधरे विश्वमुखी तारा किष्किधपर्वते । देवादारुवने पुष्टिमेधा काश्मीरमंडले ॥२०४॥ भीमादेवी हिमाद्रौ च तुष्टिर्वस््रेश्वरे तथा । कपालमोचने श्रद्धा माता कायावरोहणे ॥२०५॥ शंखोद्धारे ध्वनिर्नाम धृतिः पिंडारके तथा । काला तु चंद्रभागायामच्छोदे सिद्धिदायिनी॥२०६॥ वेणायाममृतादेवी बदर्यामूर्वशी तथा। औषधी चोत्तरकुरौ कुशद्वीपे कुशोदका ॥२०७॥ मन्मथा हेमकूटे तु कुमुदे सत्यवादिनी । अश्वत्थे वंदनी या तु निधिर्वैश्रवणालये ॥२०८॥ गायत्री वेदवदने पार्वती शिवसन्निधौ । देवलोके तथेद्राणी ब्रह्मास्ये तु सरस्वती ॥२०९॥ सूर्यबिंबे प्रभानाम मातृणां वैष्णवी तथा। अरुंधती सतीनां तु रामासुच तिलोत्तमा॥२१०॥ होगी और यमुनातीर्थ में आप मृगावती देवी होंगी । करवीर तीर्थ में महालक्ष्मी नाम से आपकी पूजा होगी और विनायक तीर्थ में आप रुमा देवी होंगी ॥१९८॥ वैजनाथ धाम में अरोगा के नाम से विख्यात होंगी और महाकाल तीर्थ में आप महेश्वरी होंगी । पुष्य तीर्थ में अभया देवी तथा विन्ध्य पर्वत की कन्दरा में आप अमृता देवी होगी।१९९॥ माण्डव्य तीर्थ में आप माण्डवी देवी होंगी और महेश्वर तीर्थ में आपका नाम स्वाहा देवी होगा । वेगल तीर्थ में प्रचण्डा देवी के नाम से तथा अमरकण्टक में आप चण्डिका देवी के नाम से प्रसिद्ध होंगी ॥२००॥ सोमेश्वर तीर्थ में वरारोहा देवी तथा प्रभास तीर्थ में पुष्करावती आपका नाम होगा । सरस्वती नदी में अपका नाम देवमाता होगा और पारापार में आप तटेस्थित देवी होंगी ॥२०१॥ आप महालय में महापद्मा देवी तथा पयोष्णी तीर्थ में आप पिङ्गलेश्वरी होंगी । कृतशौच तीर्थ में आप सिंहिका देवी तथा कार्तिकेय क्षेत्र में शाङ्करी देवी आप होंगी ॥२०२॥ उत्पलावर्त तीर्थ में लीला देवी के नाम से आप विख्यात होंगी और सिन्धुसङ्गम पर आपका नाम सुभद्रा देवी होगा, उमा सिद्ध वन में आपका नाम लक्ष्मी देवी तथा भरताश्रम में आपका नाम अनङ्गा देवी होगा ।।२०३।। आप जालन्धर में विश्वमुखी तथा किष्किन्धा पर्वत पर आप तारा देवी होंगी । देवदारु वन में आप पुष्टि देवी होंगी और काश्मीर मण्डल में आपका नाम मेधा देवी होगा ॥२०४॥। हिमालय पर आप भीमा देवी होंगी तथा वस्रेश्वर तीर्थ में आप तुष्टि देवी होंगी । कपाल मोचन तीर्थ में आपका नाम श्रद्धादेवी होगा और कायावरोहरण तीर्थ में आप माता देवी के नाम से विख्यात होंगी ॥२०५॥ शंखोद्धर क्षेत्र में आपका नाम ध्वनि देवी होगा और पिण्डारक क्षेत्र में आप धृति देवी होंगी । चन्द्रभागा नदी में आप काला देवी होंगी और अच्छोद सरोवर पर आप सिद्धिदायिनी देवी होंगी।२०६॥ वेणा नदी में आपका नाम अमृता देवी होगा और बदरीकाश्रम में आप उर्वशी देवी होंगी । उत्तर कुरु में आपका नाम औषधी देवी होगा और कुशद्वीप में आप कुशोदका देवी के नाम से पूजी जायेंगी ॥२०७॥ हेमकूट पर्वत पर मन्मथा देवी तथा कुमुद पर्वत पर आप सत्यवादिनी देवी होंगी । अश्वत्थ तीर्थ में आप वन्दनीया देवी तथा कुबेर नगरी अलकापुरी में आप निधि देवी होंगी ॥२०८॥ वेदवदन तीर्थ में आप गायत्री देवी होंगी और शिवजी के सन्निकट आप पार्वती देवी होंगी देवलोक में आप इन्द्राणी होंगी और ब्रह्माजी के यहाँ आप सरस्वती देवी होंगी ॥२०९॥
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